महाराष्ट्र

देशवासियों से यदि घृणा आप करेंगे तो,
      पूरा महाराष्ट्र लघु राष्ट्र बन जाएगा ।
हम नहीं रहेंगे तो कोई ना रहेगा यहाँ ,
        बँगला तुम्हारा भूत बँगला हो जाएगा ।।
घर और बहरा का पहरा न देगा  कोई ,
       कोई नहीं टैक्सी से तुझको पहुँचाएगा ।
उत्तर भारतीय यदि यहाँ से चले गए ,
          उसी दिन मुम्बई विरान बन जाएगा ।।

सारे कामगार, कलाकार मैंने तुझे दिया ,
       जिनके बदौलत ही मुंबई की मान है ।
खून औ पसीना को बहाया मैंने रात दिन ,
       तब तेरा मुम्बई बनाया पहचान है ।।
मराठी बोलने का यदि तुझ को गुरूर है ,
         भोजपुरी बोलना हमारे लिए शान है ।
तेरी ये मराठी महाराष्ट्र में ही बोली जाती ,
         मेरे भोजपुरी को तो जानता जहान है ।।

ओछी राजनीति की भी जीत यदि होने लगे ,
         महाराष्ट्र जैसा पूरा राष्ट्र बन जाएगा।
ढ़ूँढ़ते रहेंगे आप विश्व मानचित्र पर,
       मिलेगा हिंदुस्तान न तिरंगा लहराया ।।
हमारी संस्कृति औ अनेकता में एकता की,
        अद्भुत मिसाल टूकड़ों में बँट जाएगा ।
"अनगढ़ "फिक्र नहीं मुम्बई न दिल्ली सही ,
         तुम पिंड देने काशी गया नहीं आएगा ।।


अनगढ़

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