गरीबी

गरीबी के नारा लगावे के बदे ,
        गरीब के रहल बाटे जरुरी ।
गरीब के बिना नेता न पइहें ,
        कुर्सी कमीशन आ छप्पन छूरी ।।
शान समाज में तबे बढ़ी जब ,
        रोजे गरीब करिहें जी हुजूरी ।
छप्पन भोग लगी तबले जब ,
       केवनो गरीब के रोटी ना जुरी ।।

करीब गरीब के रही जेतने ,
        ओतने अधिका ऊ चर्चा में आई ।
गरीबी के ताकत ही इनका के ,
         सत्ता के शिखर पर पहुँचाई ।।
लालु मुलायम मायावती मोदी ,
         राम विलास भा नीतीश भाई ।
रोजे जहाजे से उड़ता सबहीं ,
          एही गरीबन के देके दुहाई ।।

जबले गरीबन के साथ रही ,
        हाथ रही तबतक प्रभुताई ।
जीवन भर सुख भोग करी ऊ ,
         मरी त बड़का मसीहा कहाई ।।
अनगढ़ के कहना अब मान ,
          हिन्दू मुसलमान सिख ईसाई ।
देश में ओसहीं गरीबी बढ़ाव ,
        बाटे बढ़त जइसे महँगाई ।।

अनगढ़

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