अपने

अपने तो अपने हैं यही बात मानकर ,
अधिक भरोसा किया अपनों पे पहले ।

इतना अधिक मुझे अपनों पे गर्व था कि ,
कहते थे अपने हीं काम  देंगे पहले ।।

मुसीबतों के बाण जब मुझे बेधने लगे ,
भाग खड़े हुए मेरे अपने हीं पहले ।

अपनों ने जिस ठौर छोड़ दिया मेरा साथ ,
हाथ धर लिया गैर गिरने से पहले ।।

अनगढ़

Comments