चाँद अगर होता नहीं ,मचता हाहाकार ।
चाँद बग़ैर सूना यह , हो जाता संसार ।।
हो जाता संसार , प्यार के बग़ैर सूना ।
प्रेमी जन का कष्ट , और बढ़ जाता दूना ।।
कह अनगढ़ कविराय , हो जाता जग यह माँद ।
गगन पर अगर नहीं , होता यह सुन्दर चाँद ।।
अनगढ़
भभुआ, बिहार
चाँद बग़ैर सूना यह , हो जाता संसार ।।
हो जाता संसार , प्यार के बग़ैर सूना ।
प्रेमी जन का कष्ट , और बढ़ जाता दूना ।।
कह अनगढ़ कविराय , हो जाता जग यह माँद ।
गगन पर अगर नहीं , होता यह सुन्दर चाँद ।।
अनगढ़
भभुआ, बिहार
Comments
Post a Comment