भोला पहुना

सुनिला कि नाहीं तोहरा घरवा दुआर बाटे ।
कहाँ रखिब गउरा हमार ए भोला पहुना ।

सुनिला कि बरधा के करेल सवारी हो ।
भंगिया पिएल बेसुमार ,ए भोला पहुना ।।

सुनिला कि भुतवा परेत संगे घुमेल    ।
पहिरे ल सँपवा के हार ए भोला पहुना ।।

सुनिला कि तंगी में रहेल अड़भंगी हो ।
कइसे चलइब परिवार ए भोला पहुना ।।

कहे लोक नाथ सुन सुन साली सरहज हो ।
लीला ह इनकर अपरम्पार ए भोला पहुना ।।

Comments