चूहे

चूहा पी गया शराब , सुन करके मैं दंग ।
होश हमारे उड़ गए , शिथिल हुए सब अंग ।।
शिथिल हुए सब अंग , सोचने लगा तिवारी ।
चूहे गाँव के थे , या कि थे सब सरकारी ।
कह अनगढ़ कविराय , बहुत कठोर हैं रूहें ।
खुद पी गए शराब , दोषी बन गए चूहें ।।

अनगढ़

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