मेरे पिताजी

मेरे पिता जी
तुम बहुत याद आ रहे हो
मुझे याद है
जब मैं छोटा था
मैं रोता था
तुम शांत कराते
मैं रुठ जाता था
तुम मनाते
मुझे हँसते देख
तुम हँस देते
मेरे लिए
मेरे साथ खेलते
तुम घोड़ा बनते
मै तेरे पीठ पर चढ़ जाता
मुझे खुश रखने के लिए
तुम अपनी खुशी भूल जाते
मेरे लिए बहुत दुख सहे
आज मैं बड़ा हो गया
अपने पैरों पर खड़ा हो गया
सब कुछ है मेरे पास
मगर तुम नहीं हो
काश , तुम मेरे साथ होते
फिर से हम दोनो खेलते
मगर अब तुम नही हो
तेरी यादे हैं
बस , तेरी यादें
मेरे पिता जी

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