एक दिन सपने मे अपने प्रभु से पूछा आपके नियम हम समझ न पाते है ।
जिस इन्सान हेतु जग ये बनाया गया आप उन लोगों को ही कितना सताते है।।
बोले प्रभु मैंने जिन लोगों को जनम दिया मुझसे अधिक निज बुद्धि ये लगाते है ।
थोड़ी बुद्धि कभी कभी अपनी लगाते है तो बुद्धिमान लोग किसलिए अकुलाते है।
।
जिस इन्सान हेतु जग ये बनाया गया आप उन लोगों को ही कितना सताते है।।
बोले प्रभु मैंने जिन लोगों को जनम दिया मुझसे अधिक निज बुद्धि ये लगाते है ।
थोड़ी बुद्धि कभी कभी अपनी लगाते है तो बुद्धिमान लोग किसलिए अकुलाते है।
।
Comments
Post a Comment