- Get link
- X
- Other Apps
असूर वंदना
1• दूसरे के दूध जियान करे में ,
जे आपन देह के मोह न करे ।
केहु के कवरा उठावे से पहिले ,
बनी कर माछी जे दाल में परे ।।
आपन ढ़ेड़र देखे ना कबो जे ,
अन्हकर फुली निहारल करे ।
अइसन सज्जन से बा निहोरा ,
भूली के हमरा ना पीछे ऊ परे ।।
जे आपन देह के मोह न करे ।
केहु के कवरा उठावे से पहिले ,
बनी कर माछी जे दाल में परे ।।
आपन ढ़ेड़र देखे ना कबो जे ,
अन्हकर फुली निहारल करे ।
अइसन सज्जन से बा निहोरा ,
भूली के हमरा ना पीछे ऊ परे ।।
2 • जे परदोष निहारत बा रोजे ,
कबो जे भलाई करे नाहीं भूली ।
गाड़ल मुर्दा कबारेला अइसे ,
जइसे किसान कबारेला मूली ।।
केहु के समान जियान ई कके,
पा जालन जइसे सोना के गुली ।
बारम्बार गोहार करी हमरी ,
हमरी ओरी तकिह ना कबहु तू भूली ।।
कबो जे भलाई करे नाहीं भूली ।
गाड़ल मुर्दा कबारेला अइसे ,
जइसे किसान कबारेला मूली ।।
केहु के समान जियान ई कके,
पा जालन जइसे सोना के गुली ।
बारम्बार गोहार करी हमरी ,
हमरी ओरी तकिह ना कबहु तू भूली ।।
3 • विघ्न बढ़ावन राड़ बेसाहन ,
आग लगावन वंदन बा तोसे ।
बेकाज अकाज करे जे भइया ,
पइया पड़ी अझुरा जनि मोसे ।।
दुःशासन रावण के सनतान ,
जे नाही कबो सुख चैन परोसे ।
कंस के वंश के अंश जे बाटे ,
लाज बा ``अनगढ़ ´´ उनही भरोसे ।।
आग लगावन वंदन बा तोसे ।
बेकाज अकाज करे जे भइया ,
पइया पड़ी अझुरा जनि मोसे ।।
दुःशासन रावण के सनतान ,
जे नाही कबो सुख चैन परोसे ।
कंस के वंश के अंश जे बाटे ,
लाज बा ``अनगढ़ ´´ उनही भरोसे ।।
- Get link
- X
- Other Apps
Comments
Post a Comment