मोदीजी


भारत का सिर किया है ऊँचा , 
सूर वीर इक आया है ।
जन नायक अधिनायक बनकर ,
सबके दिल में छाया है ।।

दिखा दिया दुश्मन को उसने ,
कैसे शान से जीते हैं ।
गले लगोगे गले लगेंगे ,
वर्ना खून भी पीते हैं ।।

करते रार नहीं अपने से ,
ऊँचे कद के लोगों से ।
वर्ना खुद मर जाएगा तू ,
खुद फैलाए रोगो से ।।

सबक़ यही सिखलाया उसको ,
लाल आज इस माटी का। 
 क़ायम किया मिसाल लाल ने ,
भारत के परिपाटी का ।।

अभी समय है सबक़ मिला है ,
इतने पर रुक जाओगे ।
सच कहता हूँ छोटे भाई ,
मिटने से बच जाओगे ।।

वर्ना मिटना भाग्य में है ,
तो अब तुम मिट जाओगे ।
जिस मिट्टी से जन्म  लिया है ,
उसमें हीं मिल जाओगे ।।

लोक नाथ तिवारी`` अनगढ़ ´´

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