गरीबों का देश जहाँ टूटे फूटे घर को ,
किवाड़ की जगह आड़ करते हैं टाट से ।
गरीब देशवासियों के जर्जर शरीर को ,
मिलता आराम जहाँ टूटी हुई खाट से ।।
बहुत आश्चर्य मुझे होता उस वक्त जब ,
झलकती अमीरी है रिहायसी प्लॉट से ।
समाजवादी खुद को जो कहते हैं नेताजी ,
आलिशान बंगला में रहते हैं ठाट से ।।
किवाड़ की जगह आड़ करते हैं टाट से ।
गरीब देशवासियों के जर्जर शरीर को ,
मिलता आराम जहाँ टूटी हुई खाट से ।।
बहुत आश्चर्य मुझे होता उस वक्त जब ,
झलकती अमीरी है रिहायसी प्लॉट से ।
समाजवादी खुद को जो कहते हैं नेताजी ,
आलिशान बंगला में रहते हैं ठाट से ।।
अनगढ़
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